पिछले साल से हांगकांग में लाखों लोग अधिक सवायत्तता और चीन के कम दखल देने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। Image Source : AP FILE

बीजिंग: चीन ने हांगकांग के ऊपर नया राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाने के अपने विवादास्पद फैसले को लेकर भारत एवं अन्य देशों का समर्थन मांगा है और कहा है कि इसका लक्ष्य इस पूर्व ब्रिटिश कॉलोनी में ‘पृथकतावादी’ ताकतों को काबू में रखना है जिन्होंने देश की राष्ट्रीय सुरक्षा एवं संप्रभुता के लिए ‘गंभीर खतरा’ पैदा कर दिया है। किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया की धार को कुंद करने के लिए चीन ने नए मसौदा कानून के कारणों को स्पष्ट करते हुए भारत एवं अन्य देशों को पत्र लिखा है और कहा है कि ‘हांगकांग विशेष प्रशासनिक क्षेत्र में राष्ट्रीय सुरक्षा बनाये रखना विशुद्ध रूप से चीन का अंदरूनी विषय है।’

हांगकांग की निजी स्वतंत्रता के लिए बड़ा झटका

चीन ने हांगकांग पर अपना नियंत्रण मजबूत बनाने के लिए शुक्रवार को अपनी संसद में हांगकांग में विवादास्पद राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का मसौदा पेश किया था। इसे 1997 के बाद से हांगकांग की क्षेत्रीय स्वायत्तता एवं निजी स्वतंत्रता के लिए बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है। हांगकांग 1997 में ही चीन शासन के अंतर्गत आया था। हांगकांग चीन का एक विशेष प्रशासनिक क्षेत्र है। ब्रिटेन द्वारा एक जुलाई, 1997 को हांगकांग की संप्रभुता चीन को सौंपने के बाद से वहां ‘एक देश दो विधान’ रहा है। इस व्यवस्था में उसे कुछ स्वतंत्रताएं मिलीं जो बाकी चीन को प्राप्त नहीं हैं।

चीन ने कई देशों को भेजी चिट्ठी में ये लिखा
विभिन्न देशों को सौंपे पत्र में चीन ने कहा है, ‘आपके देश का हांगकांग के साथ घनिष्ठ आर्थिक एवं व्यापारिक सहयोग और दोनों की जनता के बीच आपसी संबंध रहा है। हांगकांग की समृद्धि एवं दीर्घकालिक स्थायित्व पूरी अंतरराष्ट्रीय बिरादरी के साझे हितों तथा हांगकांग में आपके देश के वैध हितों के अनुरूप है। हम आशा करते हैं कि आपकी सरकार इसे समझेगी और चीन की प्रासंगिक पद्धतियों का समर्थन करेगी।’ इस पत्र में कहा गया है कि 23 साल पहले हांगकांग चीन को लौटाए जाने के बाद से हांगकांग SSR ने चीन के संवैधानिक एवं मूल कानून के अनुरूप राष्ट्रीय सुरक्षा की खातिर अपने संवैधानिक दायित्व का निर्वहन नहीं किया है।

हांगकांग में चीन के खिलाफ लाखों लोग कर रहे प्रदर्शन
उसमें कहा गया है, ‘हांगकांग की कानून प्रणाली में स्पष्ट खामियां है और उसे लागू करने की प्रणाली का अभाव है। हांगकांग में विरोधी तत्वों ने चीन की मुख्य भूमि के प्रति अलगाववाद, तोड़फोड़, घुसपैठ और विध्वंसक गतिविधि चलाने के लिए बाहरी तत्वों से हाथ मिला लिया है। पिछले साल हांगकांग में संशोधन विधेयक पर उथल-पुथल से एसएआर के कानून के शासन, उसके स्थायित्व को बड़ा नुकसान पहुंचा तथा अर्थव्यवस्था एवं लोगों की जीविका तहस-नहस कर दी।’ पिछले साल से हांगकांग में लाखों लोग अधिक सवायत्तता और चीन के कम दखल देने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।



from India TV Hindi: TopStory Feed https://ift.tt/2LTLto4

Post a Comment

Previous Post Next Post